{"product_id":"jeevan-ki-bhent-9789355211514","title":"Jeevan Ki Bhent","description":"नौ वीं कक्षा के एक विद्यार्थी ने गृहकार्य नहीं किया था। शिक्षिका ने उसे बुलाकर कारण पूछा। विद्यार्थी ने गंभीरता से कहा, ''कल मेरा जन्मदिन था और शाम को हमारे घर में बहुत झगड़ा हो गया। सुबह मेरे पिताजी ने मुझे उपहार में एक पुस्तक दी थी। उसे मैं पढ़ रहा था। तभी मम्मी ने कहा कि वह बहुत थक गई है, इसलिए हलका होने के लिए वह पुस्तक उन्हें पढ़नी है। मेरी दादीजी कहती थीं कि मुझे छोटी को प्रतिदिन नई-नई कहानियाँ सुनानी होती हैं, इसलिए सबसे पहले यह पुस्तक उन्हें मिलनी चाहिए, तो मेरे दादाजी ने जिद की कि उनके पास अच्छी वाचन-सामग्री नहीं बची है, अतः वह पुस्तक उनको ही मिले। इतने में मेरे पापा ऑफिस से आए और मुझे धमकाने लगे कि गिफ्ट तो मुझे उन्होंने दी है, तो पुस्तक पहले उनको ही दूँ। इस पुस्तक के लिए घर में इतना बखेड़ा मचा कि मैं होमवर्क ही नहीं कर सका।'' शिक्षिका ने आश्चर्य से पूछा, ''भला, वह कौन-सी पुस्तक है, मुझे दिखाना।'' विद्यार्थी ने स्कूल बैग में से निकालकर पुस्तक शिक्षिका को दिखाई। शिक्षिका ने पुस्तक खोलकर कुछ पन्ने पलटे और विचार में डूब गई। उन्होंने विद्यार्थी से कहा, ''तू पहले होमवर्क पूरा कर, तभी यह पुस्तक तुझे लौटाऊँगी।'' वह सोचता रहा कि यदि आज फिर स\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Sanjiv Shah\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublisher:\u003c\/b\u003e Prabhat Prakashan Pvt Ltd\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublished:\u003c\/b\u003e 12\/06\/2021\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePages:\u003c\/b\u003e 314\u003cbr\u003e\u003cb\u003eBinding Type:\u003c\/b\u003e Paperback\u003cbr\u003e\u003cb\u003eWeight:\u003c\/b\u003e 0.88lbs\u003cbr\u003e\u003cb\u003eSize:\u003c\/b\u003e 8.50h x 5.50w x 0.70d\u003cbr\u003e\u003cb\u003eISBN:\u003c\/b\u003e 9789355211514\u003cbr\u003e\u003cb\u003eLanguage:\u003c\/b\u003e Hindi","brand":"Prabhat Prakashan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":43952576495731,"sku":"9.78936E+12","price":23.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0555\/9255\/0515\/files\/img_3e27317d-a597-4bfc-8a8c-b3a525b400bb.jpg?v=1759495849","url":"https:\/\/bookstorenmore.com\/products\/jeevan-ki-bhent-9789355211514","provider":"Bookstore N More","version":"1.0","type":"link"}