{"product_id":"marfat-dilli-9789387462489","title":"Marfat Dilli","description":"दिल्ली से कृष्णा सोबती का रिश्ता बचपन से है। आज़ादी से पूर्व उनका वेतनभोगी परिवार साल के छह माह शिमला और छह माह दिल्ली में निवास करता था। अपने किशोर दिनों में वे दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हॉकी खेलती रही हैं। बँटवारे के बाद लाहौर से आकर वे स्थायी तौर पर दिल्ली की हो गईं। दिल्ली का नागरिक होने पर उन्हें गर्व भी है और इस शहर से प्रेम भी। यहाँ के इतिहास और भूगोल को वे बहुत गहरे से जानती रही हैं। दिल्ली के तीन सौ से ज़्यादा गाँवों को और उनके बदलने की प्रक्रिया को उन्होंने पारिवारिक भाव से देखा है। हर गाँव को उन्होंने पैदल घूमा है। 'मार्फत दिल्ली' में उन्होंने आज़ादी बाद के समय की कुछ सामाजिक, राजनीतिक और साहित्यिक छवियों को अंकित किया है। यह वह समय था जब ब्रिटिश सरकार के पराये अनुशासन से निकलकर दिल्ली अपनी औपनिवेशिक आदतों और देसी जीवन-शैली के बीच कुछ नया गढ़ रही थी। सडक़ों पर शरणार्थियों की चोट खाई टोलियाँ अपने लिए छत और रोज़ी-रोटी तलाशती घूमती थीं। और देश की नई-नई सरकार अपनी जि़म्मेदारियों से दो-चार हो रही थी। उस विराट परिदृश्य में साहित्य समाज भी नई आँखों से देश और दुनिया को देख रहा था। लेखकों-कवियों की एक नई पीढ़ी उभर रही \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Krishna Sobti\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublisher:\u003c\/b\u003e Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePublished:\u003c\/b\u003e 01\/01\/2018\u003cbr\u003e\u003cb\u003ePages:\u003c\/b\u003e 138\u003cbr\u003e\u003cb\u003eBinding Type:\u003c\/b\u003e Hardcover\u003cbr\u003e\u003cb\u003eWeight:\u003c\/b\u003e 0.83lbs\u003cbr\u003e\u003cb\u003eSize:\u003c\/b\u003e 9.00h x 6.00w x 0.44d\u003cbr\u003e\u003cb\u003eISBN:\u003c\/b\u003e 9789387462489\u003cbr\u003e\u003cb\u003eLanguage:\u003c\/b\u003e Hindi","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":40854249078899,"sku":"9.78939E+12","price":49.79,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0555\/9255\/0515\/products\/img_1951ec70-0afa-4451-a7b4-3a5dc65f11b2.jpg?v=1686835114","url":"https:\/\/bookstorenmore.com\/products\/marfat-dilli-9789387462489","provider":"Bookstore N More","version":"1.0","type":"link"}