Prabhakar Prakshan
Rail Ke Safar Mein (Swyam prakash ki Rail Yatra par Dilchasp Kahaniyan)
Rail Ke Safar Mein (Swyam prakash ki Rail Yatra par Dilchasp Kahaniyan)
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पल्लव
राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार में 2 अक्टूबर, 1977 को जन्म शिक्षा - पीएच. डी., एम. ए. हिन्दी ।
गद्य आलोचना में विशेष रुचि । 'कहानी का लोकतंत्र' और 'लेखकों का संसार' शीर्षक से दो पुस्तकें प्रकाशित। साहित्य अकादेमी के लिए कवि नन्द चतुर्वेदी पर मोनोग्राफ लेखन । 'मीराः एक पुनर्मूल्यांकन', 'गपोड़ी से गपशप', 'एक दो तीन' और 'अस्सी का काशी' शीर्षक से संपादित पुस्तकों का प्रकाशन। असगर वजाहत के सम्पूर्ण रचना संसार से चुनकर तीन खंडों में असगर वजाहत रचना संचयन का संपादन। 'मैं और मेरी कहानियाँ' शीर्षक से हिंदी के दस प्रतिनिधि युवा कथाकारों के दस कहानी संग्रहों का चयन और संपादन।
साहित्य-संस्कृति के विशिष्ट संचयन 'बनास 'जन' का 2008 से निरंतर सम्पादन- प्रकाशन। प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में आलेख, आलोचना और समीक्षा लेखों का लगभग ढाई दशक से निरन्तर प्रकाशन । भारतीय भाषा परिषद्, कोलकाता का युवा साहित्य पुरस्कार, वनमाली सम्मान, आचार्य निरंजननाथ सम्मान, राजस्थान पत्रिका सृजन पुरस्कार, पारवी आलोचना सम्मान सहित कुछ और पुरस्कार-सम्मान । सम्प्रति-दिल्ली के हिन्दू कॉलेज में अध्यापन।
संपर्क- फ्लैट न.-393, डीडीए. ब्लॉक-सी एंड डी, कनिष्क अपार्टमे
Author: Pallav
Publisher: Prabhakar Prakshan
Published: 03/09/2023
Pages: 130
Binding Type: Paperback
Weight: 0.38lbs
Size: 8.50h x 5.50w x 0.31d
ISBN: 9789356821545
Language: Hindi
This title is not returnable
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